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दक्कन किसान विद्रोह 1875

दक्कन किसान विद्रोह

‘दक्कन किसान विद्रोह’ वर्ष 1875 में घटित हुआ।

महाराष्ट्र के क्षेत्र में घटित हुआ।

‘दक्कन किसान विद्रोह’ मुख्यतः महाजनों के ख़िलाफ़
था।
कारण - 1861 में यूएसए में गृह युद्ध छिड़ गया जिसके परिणाम स्वरूप कॉटन का निर्यात नहीं हो रहा था
अंग्रेजों ने महाराष्ट्र के किसानों को कपास उत्पादन करने को कहा परंतु 18 सो 65 के बाद मांग घट गया जिससे किसानों को टॉफी नुकसान हुआ।

1865 में ब्रिटिश सरकार ने भू राजस्व की दर 50% तक बढ़ा दिया। जिससे किसान कर अदा करने के लिए अपनी संपत्ति गिरवी रख कर महाजनों से पैसा उधार लेना पड़ा।

1874 में पुणे के महाजन कालूराम
किसान के घर पर कब्जा करने जा रहा था जिस से किसान क्रोधित होकर महाजनों के खिलाफ विद्रोह कर दिए।

‘दक्कन किसान विद्रोह’ में “सामाजिक बहिष्कार” का एक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया गया।

1875 में सुपा के बाजार में किसान एकत्र होकर महाजनों पर हमला करने लगे और कागजात लूट कर आग लगा दिए गए।

दक्कन कृषक राहत अधिनियम वर्ष 1879 में  पारित हुआ ।

दक्कन कृषक राहत अधिनियम ने महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओ का समाधान करने का प्रयास किया।

1879 में महाराष्ट्र में रामोसी कृषक जत्था वासुदेव बलवंत फड़के स्थापित किया था।
भील, कोली, धनगढ़ रामोशी जनजाति मुख्य रूप से शामिल थे। 

वासुदेव बलवंत फड़के को भारतीय सशस्त्र क्रांति का पिता कहा जाता है।

1879 में वासुदेव बलवंत फड़के को गिरफ्तार कर लिया गया। 
1883 में  मृत्यु हो गई।
रामोसी विद्रोह

रामोसी विद्रोह 1822 से 1829 के मध्य हुआ।

रामोसी विद्रोह का  भौगोलिक क्षेत्र महाराष्ट्र में मुख्यतः पश्चिमी घाट में हुआ।

कारण - रामोशी जनजाति मराठा साम्राज्य के अधीन पुलिस की नौकरियां करते थे। तृतीय आंग्ल मराठा युद्ध में बाजीराव की पराजय के बाद नौकरियां चली गई तथा कर मुक्त भूमि भी छिन गया।

रामोसी विद्रोह चतुर सिंह के नेतृत्व में हुआ।

1824 में अकाल पड़ जाने के कारण पुनः 1826 में उमा सिंह नायक के नेतृत्व में विद्रोह प्रारंभ हुआ।

अंग्रेजों ने रामोशी किसानों की बात मानी और उनको कर मुक्त भूमि व पुलिस की नौकरियां भी दी।
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महत्वपूर्ण प्रश्न :-

1. दक्कन किसान विद्रोह से संबंधित निम्निलखित कथनों पर विचार कर सत्य कथन का चयन कीजिए-
1. ‘दक्कन किसान विद्रोह’ वर्ष 1873 में घटित हुआ।
2. ‘दक्कन किसान विद्रोह’ मुख्यतः महाजनों के ख़िलाफ़ था।
3. ‘दक्कन किसान विद्रोह’ में “सामाजिक बहिष्कार” का एक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
उपर्युक्त कथनों के आधार पर उत्तर चुनिए ?
(a) 1,2 तथा 3
(b) 2 तथा 3
(c) 1 तथा 2
(d) 1 तथा 3
उत्तर-(B)
‘दक्कन किसान विद्रोह’ वर्ष 1875 में घटित हुआ।‘दक्कन किसान विद्रोह’ मुख्यतः महाजनों के ख़िलाफ़  था।‘दक्कन किसान विद्रोह’ में “सामाजिक बहिष्कार” का एक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया गया।

2. दक्कन किसान विद्रोह' विस्तारित था-
(a) महाराष्ट्र के क्षेत्र में
(b) गुजरात के क्षेत्र में
(c) बंगाल के क्षेत्र में
(d) अवध के क्षेत्र में
उत्तर-(A) महाराष्ट्र के क्षेत्र में

1. रामोसी विद्रोह सही रूप में किस भौगोिलक इलाके में हु आ था? 
(a) पश्चिमी भारत
(b) पूर्वी घाट
(c) पूर्वी भारत
(d) पश्चिमी घाट
उत्तर-(d)
पश्चिमी घाट में रहने वाले 'रामोसी जाति के लोगों ने 1822 ई. मेंअपने नेता सरदार चित्तर सिंह के नेतृत्व
में रामोसी विद्रोह किया। रामोसियों ने सतारा के आस-पास के क्षेत्रों को लूटा और किलों पर भी आक्रमण
कर दिया। 1825-26 ई. में भयंकर अकाल और अन्नाभाव के कारण इन्हों ने उमाजी के नेतृत्व में पुनः विद्रोह किया। 

2.महाराष्ट्र में रामोसी कृषक जत्था किसने स्थापित किया था?
(a) न्यायमूर्ति रानाडे
(b) गोपाल कृष्ण गोखले
(c) वासुदेव बलवंत फड़के
(d) ज्योतिबा फूले
उत्तर-(c)
प्रारंभिक भारतीय क्रांतिकारियों में अग्रगण्य वासुदेव बलवंत फड़के (1845-83) ने बंबई प्रेसीडेंसी के
रामोसी जनजाति के लोगों को संगठित करके उन्हें प्रशिक्षित लड़ाकू बल में परिवर्तित किया और रामोसी
कृषक जत्था की स्थापना की थी। फड़के को गिरफ्तार करके काला पानी की सजा दी गई तथा 1883 ई.
में आमरण अनशन से इनकी मृत्यु हो गई।





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